बिजूका
09 अक्टूबर, 2026

अनिल गंगल की कविताऍं

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  आवाज़ जो पर्दे से बाहर थी  " नाना " नाना, तुमने अभिनय नहीं किया— तुमने आदमी के भीतर छिपी हुई आग को उसका चेहरा दिया। तुम्हारी आवाज...
24 सितंबर, 2026

राणा प्रताप सिंह की कविताऍं

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    एक नदियाँ आज गंधाती मल मूत्र प्रदूषण से बजबजाती धरती में गड़ रही है,,, नदियाँ आज सड़ रहीं हैं। लोगों के चढ़ावे फूल पत्ती  विसर्जित मूर्ति आ...

निहाल सिंह की कविताऍं

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    पहाड़ी के उस पार  पहाड़ी के उस पार कैसा  मौसम है  इस पार तो बारिश हो रही है  सेबों के पेड़ों पर परिंदे बैठें है  एक दूसरे से चिपककर  हौल...
21 सितंबर, 2026

यात्रा वृत्तांत: तेजो तीरे एक गाँव है बेल्वर

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  पंखुरी सिन्हा तेजो तीरे एक गाँव है बेल्वर ---जो कि कास्तेलो ब्रैन्को में 'मेरे पास के किले'-का गूगल सर्च करते अचानक मेरे सामने आया...
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15 सितंबर, 2026

जहाँ, कविता सिर्फ प्रेम नहीं, हमारे समय का आईना हैं...

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डॉ. नरेश गौतम   अंकिता रासुरी की कविताओं को पढ़ते हुए सबसे पहले जो बात भीतर उतरती है, वह यह है कि यहाँ प्रेम केवल दो लोगों के बीच का रिश्ता ...
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