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सत्यनारायण पटेल हमारे समय के चर्चित कथाकार हैं जो गहरी नज़र से युगीन विडंबनाओं की पड़ताल करते हुए पाठक से समय में हस्तक्षेप करने की अपील करते हैं। प्रेमचंद-रेणु की परंपरा के सुयोग्य उत्तराधिकारी के रूप में वे ग्रामांचल के दुख-दर्द, सपनों और महत्वाकांक्षाओं के रग-रेशे को भलीभांति पहचानते हैं। भूमंडलीकरण की लहर पर सवार समय ने मूल्यों और प्राथमिकताओं में भरपूर परिवर्तन करते हुए व्यक्ति को जिस अनुपात में स्वार्थांध और असंवेदनशील बनाया है, उसी अनुपात में सत्यनारायण पटेल कथा-ज़मीन पर अधिक से अधिक जुझारु और संघर्षशील होते गए हैं। कहने को 'गांव भीतर गांव' उनका पहला उपन्यास है, लेकिन दलित महिला झब्बू के जरिए जिस गंभीरता और निरासक्त आवेग के साथ उन्होंने व्यक्ति और समाज के पतन और उत्थान की क्रमिक कथा कही है, वह एक साथ राजनीति और व्यवस्था के विघटनशील चरित्र को कठघरे में खींच लाते हैं। : रोहिणी अग्रवाल

बॉब डिलन की अनूदित कविताएं

मित्रो बॉब डिलन को पढ़ते हैं....
तुम्हें अपने प्यार का अहसास कराऊँगा 
बॉब डिलन 

अनुवाद - प्रतिभा उपाध्याय

जब तुम्हारे चेहरे पर बौछार पड़ रही है
और सारी दुनिया तुम्हारी सूरत देख रही है,
मैं दे सका गर्म आलिंगन तुम्हें
अपने प्यार का तुम्हें अहसास दिलाने के लिए।

जब सायंकाल दिखाई देते हैं छाया और सितारे,
और कोई नहीं है वहाँ तुम्हारे आँसू पोंछने के लिए,
मैं तुम्हें दस लाख वर्ष के लिए सँभाले रख सका
अपने प्यार का तुम्हें अहसास दिलाने के लिए।

मुझे पता है तुमने अभी तक नहीं बनाया है अपना मन
लेकिन मैं तुम्हारे प्रति कोई गलत काम कभी नहीं करूँगा
मुझे पता है यह उसी क्षण से जब हम मिले थे
मेरे मन में कोई संशय नहीं कि तुम किसकी हो।

मैं भूखा चला जाऊँगा, मुझे चोट पहुँचेगी
मैं रेंगता हुआ पथ से नीचे चला जाऊँगा
नहीं, ऐसा कुछ भी नहीं जो मैं न करूँ
अपने प्यार का तुम्हें अहसास दिलाने के लिए।

तूफान का प्रकोप है लहरदार समुद्र पर
और पश्चाताप के राजमार्ग पर
बदलाव की बयार प्रचंड औ' निर्बाध चल रही है
तुमने भी अभी तक कुछ नहीं देखा है मेरी तरह।

मैं तुम्हें खुश कर सका, तुम्हारे सपनों को साकार कर सका
ऐसा कुछ नहीं जो मैं नहीं करूँगा
तुम्हारे लिए मैं धरती के पार जाऊँगा
तुम्हें अपने प्यार का अहसास दिलाने के लिए
अपने प्यार का तुम्हें अहसास दिलाने के लिए

खोने के लिए बाध्य, जीतने के लिए विवश 
बॉब डिलन 

अनुवाद - प्रतिभा उपाध्याय

अरे वाह! मैं खोने के लिए बाध्य हूँ, जीतने के लिए विवश हूँ मैं
सड़क पर पुनः चलने के लिए विवश हूँ मैं
खोने के लिए बाध्य हूँ, मैं जीतने के लिए विवश हूँ
सड़क पर पुनः चलने के लिए विवश हूँ मैं।

अरे वाह! मैं सिर्फ उन घुमक्कड़ों में से एक हूँ
जो घूम रहे हैं पता नहीं कब से
यहाँ मैं आ गया और फिर से चला गया

तुमने समझा मुझे कोई छोर नहीं मिला।
मैं खोने के लिए बाध्य हूँ, जीतने के लिए विवश हूँ मैं
सड़क पर पुनः चलने के लिए विवश हूँ मैं
मैं खोने के लिए बाध्य हूँ, जीतने के लिए विवश हूँ मैं
सड़क पर पुनः चलने के लिए विवश हूँ मैं।

जवाब हवा में उड़ रहा है 
बॉब डिलन 

अनुवाद - अरुण माहेश्वरी

कितने रास्ते तय करे आदमी
कि तुम उसे इनसान कह सको ?
कितने समंदर पार करे एक सफेद कबूतर
कि वह रेत पर सो सके ?
हाँ, कितने गोले दागे तोप
कि उस पर हमेशा के लिए पाबंदी लग जाए ?
मेरे दोस्त, इनका जवाब हवा में उड़ रहा है
जवाब हवा में उड़ रहा है।

हाँ, कितने साल कायम रहे एक पहाड़
कि उसके पहले समंदर उसे डुबा न दे ?
हाँ, कितने साल जिंदा रह सकते हैं कुछ लोग
कि उसके पहले उन्हें आजाद किया जा सके ?
हाँ, कितनी बार अपना सिर घुमा सकता है एक आदमी
यह दिखाने कि उसने कुछ देखा ही नहीं ?
मेरे दोस्त, इनका जवाब हवा में उड़ रहा है
जवाब हवा में उड़ रहा है।

हाँ, कितनी बार एक आदमी ऊपर की ओर देखे
कि वह आसमान को देख सके ?
हाँ, कितने कान हों एक आदमी के
कि वह लोगों की रुलाई को सुन सके ?
हाँ, कितनी मौतें होनी होंगी कि वह जान सके
कि काफी ज्यादा लोग मर चुके हैं ?
मेरे दोस्त, इनका जवाब हवा में उड़ रहा है
जवाब हवा में उड़ रहा है।

' Blowin' In The Wind ' का हिंदी अनुवाद
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टिप्पणियाँ:-

नंदना:-
अदनान की यह कविता मेरे दिल के बेहद करीब है, मानवता का संदेश लिए हुए उम्मीदों से भरी प्यारी और मासूम कविता, जब पहली बार सुना तो लगा काश ऐसी कविता मैंने लिखी होती...

रविन्द्र व्यास:-
बॉब डिलन कि या अदनान की, सीमा जी।

सीमा आज़ाद:-
अदनान दरवेश की जो मेरे बहुत पसंदीदा कवि हैं।

रविन्द्र व्यास:-
सीमाजी कमाल की कविताएं हैं उनकी हैं। कहने का कैसा सादा अंदाज़ और संवेदनशीलता की कैसी अनाप गहराई।

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