image

सत्यनारायण पटेल हमारे समय के चर्चित कथाकार हैं जो गहरी नज़र से युगीन विडंबनाओं की पड़ताल करते हुए पाठक से समय में हस्तक्षेप करने की अपील करते हैं। प्रेमचंद-रेणु की परंपरा के सुयोग्य उत्तराधिकारी के रूप में वे ग्रामांचल के दुख-दर्द, सपनों और महत्वाकांक्षाओं के रग-रेशे को भलीभांति पहचानते हैं। भूमंडलीकरण की लहर पर सवार समय ने मूल्यों और प्राथमिकताओं में भरपूर परिवर्तन करते हुए व्यक्ति को जिस अनुपात में स्वार्थांध और असंवेदनशील बनाया है, उसी अनुपात में सत्यनारायण पटेल कथा-ज़मीन पर अधिक से अधिक जुझारु और संघर्षशील होते गए हैं। कहने को 'गांव भीतर गांव' उनका पहला उपन्यास है, लेकिन दलित महिला झब्बू के जरिए जिस गंभीरता और निरासक्त आवेग के साथ उन्होंने व्यक्ति और समाज के पतन और उत्थान की क्रमिक कथा कही है, वह एक साथ राजनीति और व्यवस्था के विघटनशील चरित्र को कठघरे में खींच लाते हैं। : रोहिणी अग्रवाल

अपना नाम कल विएतनाम…. आज कश्मीर

वरवर राव हमारे समय की राजनीति को आइना दिखाने वाले अत्यंत महत्त्वपूर्ण कवि है। उनकी कविताएँ लिजलिजी भावना से ऊपर उठकर जनपक्षीय राजनीति के पक्ष में दबंगता से खड़ी होने वाली होती है। वरवर राव शौकिया कवि नहीं है… उनकी कविताओं का मक़सद एक ख़ास तरह की चेतना का प्रसार होता है। वरवर राव मूलतः तेलुगु में लिखते हैं.. अब तक दुनिया भर की भाषाओं में उनकी कविताएँ तेलुगु से अनुवादित होकर ही पाठकों तक पहुँचती रही है। इन दिनों वे हिन्दी में कविताएँ लिख रहे हैं। यहाँ हम वरवर राव की कविताओं के पाठकों के लिए उनके द्वारा हिन्दी में लिखी कविता प्रकाशित कर रहे हैं…उम्मीद आपको पसंद आयेगी..।


अब तक यही समझते आए थे
ईंट का जवाब पत्थर होता है
आज हमारे बच्चे सिखा रहे हैं
फौज़ का जवाब भी पत्थर हो सकता है
खुले मैदान में क़दम रखने वाली महिलाएँ
दे सकती है कर्फ़्यू का जवाब…..

दिया जा सकता है
गोली का जवाब घाटी से..
दमन का जवाब आज़ादी की माँग से
आपने देखा होगा..
हमारा देश, हमारे लोग,
झील, नदी, घाटी, पहाड़
वन और सुन्दर जीवन एक तरफ़
साठ साल क़ानून और सेना के कब्ज़े में पड़ी
सत्ता एक तरफ़
अपना नाम कल विएतनाम था
और आज कश्मीर है
आज भी हमारा मुक्ति का नारा है
नक्सलबाड़ी के साथ………

वरवर राव

1 टिप्पणी:

  1. उनकी कविताएँ लिजलिजी भावना से ऊपर उठकर जनपक्षीय राजनीति के पक्ष में दबंगता से खड़ी होने वाली होती है। wakayee.

    उत्तर देंहटाएं