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सत्यनारायण पटेल हमारे समय के चर्चित कथाकार हैं जो गहरी नज़र से युगीन विडंबनाओं की पड़ताल करते हुए पाठक से समय में हस्तक्षेप करने की अपील करते हैं। प्रेमचंद-रेणु की परंपरा के सुयोग्य उत्तराधिकारी के रूप में वे ग्रामांचल के दुख-दर्द, सपनों और महत्वाकांक्षाओं के रग-रेशे को भलीभांति पहचानते हैं। भूमंडलीकरण की लहर पर सवार समय ने मूल्यों और प्राथमिकताओं में भरपूर परिवर्तन करते हुए व्यक्ति को जिस अनुपात में स्वार्थांध और असंवेदनशील बनाया है, उसी अनुपात में सत्यनारायण पटेल कथा-ज़मीन पर अधिक से अधिक जुझारु और संघर्षशील होते गए हैं। कहने को 'गांव भीतर गांव' उनका पहला उपन्यास है, लेकिन दलित महिला झब्बू के जरिए जिस गंभीरता और निरासक्त आवेग के साथ उन्होंने व्यक्ति और समाज के पतन और उत्थान की क्रमिक कथा कही है, वह एक साथ राजनीति और व्यवस्था के विघटनशील चरित्र को कठघरे में खींच लाते हैं। : रोहिणी अग्रवाल

लेख : हॉस्टल न मिलने पर नेशनल हैंडबॉल प्लेयर पूजा चौहान ने की आत्महत्या

हॉस्टल न मिलने पर नेशनल हैंडबॉल प्लेयर पूजा चौहान ने की आत्महत्या

 पटियाला :  रियो ओलंपिक खेलों में पीवी सिंधू, साक्षी मलिक और दीपा कर्मकार के शानदार प्रदर्शन के बाद इन पर इनामों की बौछार होने की खबरों के बीच भारतीय खेलजगत की असलियत भी सामने आई है।

पटियाला में एक राष्ट्रीय स्तर की हैंडबॉल प्लेयर लड़की पूजा चौहान ने कोच की प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या कर ली। हैंडबॉल प्लेयर पूजा पटियाला की संजय कॉलोनी में रहती थी और खालसा कॉलेज में बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। 

जानकारी में यह बात सामने आई है कि अपने कॉलेज में गेम कोच से तंग आ कर उसने फांसी का फंदा लगा कर आत्महत्या की है। मरने से पहले वो एक सुसाइड नोट भी पीछे छोड़ गई है, जिसमें उसने कॉलेज के फिज़ीकल एजूकेशन डिपार्टमेंट के हेड गुरशरण सिंह गिल  की ज्यादतियों के बारे में बताया। उसने अपने मरने का कारण बताते हुए लिखा कि कोच अमीर घर के बच्चों को टीम में शामिल करते हैं और गरीब घर के बच्चों को गेम से बाहर रखा जाता है।

इतना ही नहीं पूजा ने सुसाइड नोट में अपने परिवार की मदद के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने खून के साथ गुहार लगाई है। पूजा ने ये सुसाइड नोट अपने खून से लिखा है। वहीं पुलिस इस मामले में कुछ भी बोलने से बच रही है। पूजा की शिकायत के आधार पर उसने मामला तो दर्ज कर लिया है, लेकिन अब तक आगे कुछ कार्रवाई नहीं हुई है।   

खालसा कॉलेज प्रबंधन भी इसमें जिम्मेदार है क्योंकि कॉलेज ने प्रतिभाशाली खिलाड़ी पूजा को नि:शुल्क छात्रावास देने से इन्कार किया, हालाँकि इस निर्णय के पीछे पूजा के कोच गिल ही रहे हैं। पूजा के पिता सब्जी विक्रेता हैं और उनकी आर्थिक स्थिति इस लायक नहीं है कि वो छात्रावास के लिए भुगतान कर सकें। यही बात पूजा ने अपने सुसाइड नोट  में प्रधानमंत्री को संबोधित करते हुए लिखी हैं कि उसका परिवार गरीब है और छात्रावास का भुगतान नहीं कर सकता।

पत्र में प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि वे उसकी तरह की गरीब छात्राओं की पढ़ाई की व्यवस्था करें। पूजा ने अपनी आत्महत्या के लिए कॉलेज के एक प्रोफेसर को जिम्मेदार ठहराया है और लिखा है कि वे ही उसे मजबूर करते थे कि वो हर दिन अपने घर से ही आए। अब खालसा कॉलेज के प्रिंसिपाल धर्मिंदर सिंह उभा ने कहा है कि पूजा को कॉलेज में निशुल्क दाखिला दिया गया था।

मृतक पूजा के पिता प्रभु चौहान मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जिला गौंडा, गांव दानपूरवा पुरेनु सहारा के रहने वाले हैंं। वो बीते 25 सालों से न्यू महिंदरा कालोनी, सामने महिंदरा कॉलेज पटियाला में रहता है और सहारा अस्पताल के साथ सब्जी बेचने का काम करता है।

प्रभु चौहान व लक्ष्मी ने बताया कि उसकी लड़की राष्ट्रीय स्तर की हैंडबाल खिलाड़ी थी । वो एनआईएस में प्रेक्टिस करने जाती थी। पिछले साल उसे खालसा कॉलेज में फिजीकल एजूकेशन विषय में दाखिल मिला था और फ्री में हॉस्टल की सुविधा भी दी गई थी, लेकिन इस बार उसे सेकेंड इयर में हॉस्टल देने से मना कर दिया गया था, जिसके चलते आहत होकर उसने आत्महत्या कर ली ।

पिता का आरोप है कि प्रोफेसर ने उसकी लड़की को कहा था कि वो उसे हॉस्टल देने के बदले एक लाख रुपये मांगता है । वे पूजा के साथ उक्त प्रोफेसर को मिलने की कोशिश भी की थी लेकिन उसे मिलने नहीं दिया गया । घर से मिले सुसाइड में पूजा ने लिखा है कि उसकी मौत का जिम्मेदार कॉलेज का ही गिल सर है, जिसने उसे व उसकी एक दोस्त को हॉस्टल नहीं दिया है। पूजा के तीन भाई व बहन हैं । बड़ी बहन ममता महिला कॉलेज में, भाई अजय ढुडियाल खालसा व सबसे छोटी बहन दिव्या पुलिस लाइन सेकेंडरी स्कूल में पढ़ती है। 

इंस्पेक्टर गुरप्रीत सिंह भिंडर ने बताया कि पूजा के पिता ने कॉलेज के एक प्रोफेसर गिल के खिलाफ बयान दिया है कि उसने पिछले साल लड़की को फ्री में हॉस्टल दिया था, लेकिन इस बार उसने लड़की को हॉस्टल देने के लिए मना कर दिया है । इससे पहले वो लड़की को कहता रहा था को होस्टल मिल जाएगा ।

अब नया सेशन शुरू हुए काफी समय हो गया है इस लिए लड़की को पढ़ाई, होस्टल के साथ खेल में कैरियर बनाने में दिक्कत पेश आ रही थी । इस लिए उसने आत्महत्या कर ली है । पुलिस ने फिलहाल शिकायत के आधार पर प्रोफेसर गिल के खिलाफ मुकदमा (157) पूजा को आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज कर लिया है।

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